छोरी नया जमाना की
बाबा छोरी सूं मै नया जमाना
की
मेरी वैल्यू स लाखां मै
कदे समझ रहयो वा धेला आना
की !
तेरा छोरा की हवा काढ दी,
आगै भी काढ दूँगी
आपै मानागो तो ठीक, नहीं तो
अपना कामां तै मनवा दूँगी
मेरी वैल्यू स लाखाँ की
कदे समझ रहयो वा धेला आना
की
तू मुनै इनकी ढाल उडण दे
यो जैठे पढ़ै स मुन्न भी तू
वहीं खिलण दे तेरी आख्यां आगै दिखा दूँगी
मेरी वैल्यू स लाखां की कदे
समझ रहयो वा धेला आना की
अपणा छोरा आली छूट जै तू
मुन्नै दिवावा
अण स दूणो फायदों कर कै
दिखा दूंगी
यो तेरा रुपयां नै उड़ा रहयो
स
मै अणनै दूणा बणा दूगी
मेरी वैल्यू स लाखां की कदे
.......................
तेरी मोटरसाइकिलनै भगावै सै
अंधाधुंध चलावै ,आपै मरै
तूनै रूवावै
तू मुन्नै चलावण दे
आप स्कूल पहुँचुगी अर
तुनै बाज़ार मै पहुचाँ दूंगी
मेरी वैल्यू स लाखां की
कदे समझ रहयो वा धेला आना
की
तू मुन्नै मरवावा एक आध बार
अपना छोरा नै
मरवाकै देख
उपराध के छोरी एकली करै
सै
फेर तू अन्ने बचावा अर ,छोरी
कै कलंक लगावा सा
नींद क्यूँ ना खुल रही तेरी
आख्यां की
मेरी वैल्यू स लाखां की
कदे समझ रहयो वा धेला आना
की
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