वो जमानो पाछै जा लियो
जब आछो पढ़ो लिख्यो दुल्हों थमनै
अनपढ़ हो क भी थैया लियो
घणी पढ़ कै तू नै अपणी
जान नै बीज बो लिया
घर का तेरो दुल्हों ढूँढण मै
माड़ा हो लिया
अब तू अपना मन नै समझाले
जिसा मिलै ,उसाऽ वर ले
वर्ना बिन ब्याही रहण की
तैयारी कर ले
तूझ सा पढ़ा लिखा मिलै नहीं
अनपढ़ और कम पढ़े न
तू वरै नहीं, तो फेर के होगा
अपनी समझ मै
या बात बड़ै नहीं
जिंदगी न्यू ही बिताणी पड़ै
के लाडो मन्दर मै
तेरो दुल्हों ढूँढण खातिर
घरका नै ग्लोबल होणो पड़ै
जभी तो मै तुनै
पहल्यां समझाऊँ सूँ
आगै के होगो या सिसो
अडवांस मै दिखाऊ सूँ
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