बुधवार, 16 मार्च 2011


                 मै कौन हूँ 



   माँ कहतीं है कि
   तू मेरा पुत्र है

   पिता कहते है कि
   तू मेरा गौरव है

   भाई कहा करते है कि
   तू हमारी शान है

   मित्र कहते है कि
   तू हमारा प्रेम है
  
   विद्यार्थी कहते है कि
   तू हमारा आदर्श है

   गीता कहती है कि
   तू एक आत्मा है

   पडोसी कहते है कि
   तू बस पागल है

   पत्नी क्या कह सकती है
   वो मै लाया ही नहीं
   उसे झेलने के लिए चाहिए लोहे का सीना
   और शास्त्र कहते है कि
   तू बस माटी का पुतला है

   भांति भांति के लोगो से अपने लिए
   अलग परिभाषा पाता हूँ

   अब बताओ मै आपको क्या बताऊ कि
   मै कौन हूँ
  
   इसलिए तुम ही बताओ कि
   मै कौन हूँ

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